Kailas Mansarovar Yatra New Route, saves travel time

Kailash Mansarovar Yatra New Route, saves travel time by a week to and It is the cheapest route.

नये मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा सबसे सस्ता और समय में बचत

तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में मानसरोवर तथा राकाश झील के पास 6,638 मीटर उंचे भगवान शिव के निवास स्थल माउंट कैलाश की यात्रा करने से तथा पवित्र मानसरोवर पर्वत की परिक्रमा करने से सौभाग्य प्राप्त होता है।

दारचुला से लिपुलेक दर्रा पहले केवल ट्रेकिंग का मार्ग था। इस दूरी को तय करने में कई दिन लगते थे और बड़ों- बुजुर्गों द्वारा इस मार्ग पर जाना संभव नहीं था, अब यह यात्रा वाहनों द्वारा पूरी हो जाएगी।

वर्तमान में सिक्किम या नेपाल मार्गों से, कैलाश मानसरोवर की यात्रा में लगभग दो से तीन सप्ताह लगते हैं। लिपुलेख मार्ग में ऊंचाई वाले इलाकों के माध्यम से 90 किलोमीटर का ट्रेक था और जिसमें बुजुर्ग यात्रि को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब, यह यात्रा वाहनों द्वारा पूरी हो जाएगी।

Kailash Mansarovar Yatra New Route via Lipulek Pass

कैलाश-मानसरोवर यात्रा मार्ग के रूप में प्रसिद्ध धारचूला से लिपुलेख (चीन बॉर्डर) तक सड़क संपर्क सीमा सड़क संगठन (BRO) के प्रयासों से पूरा किया गया। कैलाश मानसरोवर यात्रि अब 90Km मुश्किल  ट्रेक से बच सकते हैं और वाहनों में चीन सीमा तक जा सकते हैं। दार्चुला – लिपुलेख सड़क कैलाश मानसरोवर के प्रवेश द्वार लिपुलेख दर्रे पर भारत में समाप्त होता है। 80 किलोमीटर की इस सड़क में ऊंचाई 6000 फीट से बढ़कर 17,060 फीट हो जाती है।

इस परियोजना के पूरा होने के साथ, उच्च ऊंचाई वाले इलाके के माध्यम से कठिन ट्रेक से बचा जा सकता है और कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीर्थ यात्रियों के लिये यात्रा की अवधि कई दिनों तक कम हो गई।

अब, लोग वाहनों में लिपुलेख तक जा सकते हैं, उन्हें अब पांच से छह दिनों तक ट्रेक नहीं करना पड़ेगा।

Kailash Mansarovar Yatra New Route
Kailas Mansarovar Yatra easier Route saves travel time

सिक्किम और नेपाल से होकर जाने वाले मार्गों से तीर्थयात्रियों को भारतीय सड़कों पर अपनी यात्रा का 20% और चीनी सड़कों पर 80% कवर करना पड़ता है। नई सड़क के उद्घाटन से, इस अनुपात को उलट दिया गया है, और अब तीर्थयात्री भारतीय सड़कों पर 84% भूमि यात्रा और चीन में केवल 16% ही यात्रा करेंगे ।

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